न सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त, न देवभूमि की संस्कृति से खिलवाड़; धामी सरकार के अभियान में पूछड़ी पर बड़ी कार्रवाई

 

देहरादून/रामनगर।

उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सरकारी, वन एवं अन्य सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के विरुद्ध कार्रवाई तेज की है। इसी क्रम में शनिवार तड़के नैनीताल जनपद के रामनगर स्थित पूछड़ी क्षेत्र में वन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया।

 

कोसी नदी के किनारे स्थित पूछड़ी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें थीं। प्रशासन की ओर से पहले ही कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित लोगों को नोटिस और भूमि खाली करने की सूचना दी गई थी। शनिवार सुबह करीब पांच बजे पुलिस, वन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मौके पर पहुंचीं। अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद ली गई।

 

इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में अवैध निर्माणों को हटाया गया। स्थानीय रिपोर्टों में 86 पक्के मकानों के ध्वस्तीकरण का उल्लेख है, जबकि प्रशासन की पूर्व तैयारी संबंधी रिपोर्टों में 82 से 83 चिह्नित भवनों का आंकड़ा सामने आया था। करीब 14 से 15 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई बताई गई है। अभियान पूरा होने के बाद भूमि वन विभाग के सुपुर्द की जाएगी।

 

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम, प्रशासन ने बनाया विशेष जोनल प्लान

 

कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। पूरे क्षेत्र को सुपर जोन, जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया। पुलिस, पीएसी, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। छह बैरियर बनाकर आवाजाही नियंत्रित की गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट रखा गया।

 

प्रशासन की कार्रवाई और भारी मशीनरी की तैनाती को देखते हुए कुछ लोगों ने अपने निर्माण स्वयं हटाने भी शुरू कर दिए थे। अधिकारियों की निगरानी में चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

 

13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कराई अतिक्रमण मुक्त

 

रामनगर का पूछड़ी अभियान राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे व्यापक अतिक्रमण विरोधी अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 20 अक्टूबर 2026 को देहरादून में दशहरा कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी थी कि प्रदेश में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।

 

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में 500 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाया गया है और 200 से अधिक अवैध मदरसों को बंद कराया गया है। सरकार का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और चिह्नित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

 

धार्मिक संरचनाओं और अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई

 

सरकार की अतिक्रमण विरोधी मुहिम में सरकारी और वन भूमि पर बने अवैध निर्माणों के साथ कुछ अनधिकृत धार्मिक संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई भी शामिल रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने राजस्व, वन और अन्य विभागों की भूमि पर किए गए कब्जों को चिह्नित कर कार्रवाई की है।

 

मुख्यमंत्री धामी ने कई अवसरों पर स्पष्ट किया है कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी भूमि की सुरक्षा, कानून का पालन और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

 

पहले भी हो चुकी है पूछड़ी में कार्रवाई

 

रामनगर के पूछड़ी क्षेत्र में इससे पहले दिसंबर 2025 में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया था। उस दौरान 51 से अधिक निर्माण हटाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। अब दूसरे चरण में दोबारा बड़ी कार्रवाई की गई है। इससे स्पष्ट है कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विभाग चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई कर रहा है।

 

सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

 

उत्तराखंड में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई अब अलग-अलग जनपदों तक पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री के घोषित रुख के मुताबिक, सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे के मामलों में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

 

रामनगर के पूछड़ी में हुई कार्रवाई इसी अभियान का ताजा उदाहरण है। सरकार का संदेश स्पष्ट है कि सरकारी जमीन किसी की निजी संपत्ति नहीं है और सार्वजनिक भूमि पर अनधिकृत कब्जे को हटाने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed