मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, मिठाई की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, नौ खाद्य नमूने जांच को भेजे गए

देहरादून। त्योहारी सीजन में बाजारों में मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी निगरानी तेज कर दी है। आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेशभर में लगातार निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के दिशा-निर्देशों पर विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही हैं। खास तौर पर खुले में बिकने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में देहरादून जनपद के नगर निगम क्षेत्र, विकासनगर, हरबर्टपुर और ऋषिकेश में खाद्य सुरक्षा विभाग की अलग-अलग टीमों ने मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान जहां नियमों का उल्लंघन मिला, वहां चालानी कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर विभिन्न मिठाइयों और घी के कुल नौ विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं।
मिठाई की ट्रे पर तारीखों की जांच
आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देशों के अनुपालन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह ने बंजारावाला और मथुरावाला सहित आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों और मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित किए जाने की व्यवस्था की जांच की गई। निरीक्षण में ओम पाल स्वीट्स एवं डेयरी पर मिठाइयों की ट्रे में निर्धारित तिथियां अंकित नहीं पाई गईं। इस पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके साथ ही रमेश सिंह की टीम ने गुणवत्ता को लेकर संदेह के आधार पर घी और मिठाई के तीन विधिक नमूने भी एकत्र किए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल नियमों का पालन सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह जानकारी उपलब्ध कराना भी है कि वे जो मिठाई खरीद रहे हैं, उसका निर्माण कब हुआ है और उसका उपयोग कितनी अवधि तक सुरक्षित है।
विकासनगर से ऋषिकेश तक जांच का दायरा
खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान केवल शहर के मुख्य बाजारों तक सीमित नहीं रहा। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी ने हरबर्टपुर और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। हरबर्टपुर में एक मिठाई की दुकान पर ट्रे में निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित नहीं मिली। इस पर संबंधित दुकानदार के विरुद्ध चालानी कार्रवाई शुरू की गई। वहीं, गुणवत्ता की जांच के लिए अशोक बेकर्स से रसगुल्ला और पेड़ा के दो विधिक नमूने लिए गए। इसी तरह वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह ने वीरभद्र रोड, तिलक रोड और आसपास के क्षेत्रों में मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण और अवसान तिथि लिखे जाने की व्यवस्था को परखा गया। टीम ने संदेह के आधार पर बेसन के लड्डू, मिल्क केक, पेड़ा और ड्राई फ्रूट स्वीट्स के चार नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इस तरह जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान कुल नौ खाद्य नमूने लिए गए। इनमें घी और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल हैं। सभी नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेज दिया गया है।
उपभोक्ताओं के हितों पर विभाग का फोकस
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना ने बताया कि आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय शंकर पांडेय के निर्देशों के क्रम में मिठाई की दुकानों और बेकरी संचालकों को खुले में बिकने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उपयोग की समय-सीमा के संबंध में सही जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे जागरूक होकर खरीदारी कर सकें। उन्होंने बताया कि जनपद में चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं, संदेहास्पद खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग का यह अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की बढ़ती खपत को देखते हुए विभाग की यह सक्रियता उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। निर्माण और अवसान तिथि का स्पष्ट उल्लेख, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई से बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी। विभाग की कोशिश है कि त्योहारों की मिठास में मिलावट या असुरक्षित खाद्य सामग्री का कोई खतरा न घुले और आमजन तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंच सकें।
त्योहारों में शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता : विनय शंकर पांडेय
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट और खाद्य गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेशभर में विशेष निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी मिठाई और बेकरी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि खुले में बिक्री के लिए रखी मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करें, ताकि उपभोक्ताओं को उत्पाद की ताजगी और उपयोग की समय-सीमा की जानकारी मिल सके। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
